UP Monsoon Alert: उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। सोमवार सुबह से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। लखनऊ समेत 15 जिलों में भारी बारिश हुई, जबकि मौसम विभाग ने 58 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। उधर, वाराणसी और प्रयागराज समेत 26 जिले बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं। लखनऊ में एक घंटे की बारिश ने खोली जलभराव की पोल राजधानी लखनऊ में सुबह करीब 7 बजे शुरू हुई तेज बारिश ने महज एक घंटे में कई सड़कों को तालाब में बदल दिया। कई इलाकों में करीब दो फीट तक पानी भर गया। सड़कों पर पानी जमा होने से वाहनों की रफ्तार थम गई और कई बाइक बीच रास्ते में बंद हो गईं। स्कूल जाने के समय जलभराव ने बच्चों और अभिभावकों की मुश्किल बढ़ा दी। कई जगह माता-पिता बच्चों को गोद में उठाकर पानी पार कराते नजर आए। बारिश के बीच शहर के कई हिस्सों में जाम की स्थिति भी बनी रही। बरेली में घरों से लेकर फायर स्टेशन तक पानी बरेली में रविवार दोपहर से शुरू हुई रुक-रुककर बारिश ने रात तक मुश्किलें बढ़ा दीं। लगातार कई घंटे हुई बारिश के बाद फायर स्टेशन में करीब तीन फीट पानी भर गया, जिससे दमकल वाहनों के पहिए तक पानी में डूबे दिखाई दिए। शहर की गलियों और पॉश कॉलोनियों में भी जलभराव रहा। कई घरों के बेडरूम, किचन और ड्रॉइंग रूम तक पानी पहुंच गया। बारिश रुकने के कई घंटे बाद भी जलभराव की स्थिति बनी रही। बिजनौर में नदी बना स्टेट हाईवे बिजनौर में गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद बहसूमा-ठाकुरद्वारा स्टेट हाईवे पर पानी चढ़ गया। कई स्थानों पर सड़क के ऊपर से गंगा का पानी बहता नजर आया। हाईवे के नदी जैसी स्थिति में पहुंचने से आवागमन प्रभावित हुआ और आसपास के इलाकों में भी चिंता बढ़ गई। पीलीभीत में दीवार गिरी पीलीभीत में बारिश के बीच एक दीवार गिरने से पांच लोगों के दबने की सूचना है। स्थानीय स्तर पर राहत और बचाव की कार्रवाई शुरू की गई। वहीं, फर्रुखाबाद में गंगा के कटान से एक पक्का मकान नदी में समा गया। अब तक 15 मकानों के गंगा में बहने की बात सामने आई है। CM ने लिया बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा बाढ़ और बारिश के हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट के प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। लखीमपुर में जिलाधिकारी खुद ट्रैक्टर से बाढ़ प्रभावित गांवों तक पहुंचे और हालात का जायजा लिया। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच प्रशासन की निगाह लगातार जलस्तर और निचले इलाकों पर बनी हुई है। प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने पर आने वाले घंटों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। ये भी पढ़ें: सहारनपुर जाने से पहले अजय राय हिरासत में, मस्जिद ध्वस्तीकरण पर गरमाई सियासत